इस समाज में आखिर कब तक हमें ऐसे रहना होगा । स्वतंत्र भारत हो कर भी, आखिर क्यों हमें बंधी बनाया हैं ? ।। आखिर कब तक इस समाज में लड़कों को ज्यादा सम्मान दिया जायेगा ? आखिर कब इस समाज से असम्मानता का कीड़ा जायेगा ? ।। आखिर कब तक हमें इस समाज में रहने के लिये, सरकार से भीख मांगनी पड़ेगी ।। आखिर कब तक हमें अपनी जिंदगी, घुटन में और तनाव में काटनी होगी ।। आखिर कब वो दिन आयेगा जब हमें, दूसरो पर निर्भर ना हो कर आत्म निर्भर बनाया जायेगा।। आखिर कब वो दिन आयेगा इस समाज में ? जब हमें भी बराबर की हिस्सेदारी दी जायेगी और, हमारा भी सम्मान किया जायेगा।।